Bareilly Vegetable Vendor Death: पेड़ के नीचे सो रहे सब्जी विक्रेता पर कचरे से भरी ट्रॉली पलटने से मौत, ठेकेदार पर FIR दर्ज।

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Bareilly Vegetable Vendor Death

Bareilly Vegetable Vendor Death: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सतीपुर चौराहे के पास एक गरीब सब्जी विक्रेता सुनील कुमार प्रजापति की नगर निगम की लापरवाही के कारण दर्दनाक मौत हो गई। 45 साल के सुनील, जो अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाले थे, पेड़ की छांव में आराम कर रहे थे, जब नगर निगम की सफाई टीम ने नाले से निकाले गए मलबे की ट्रॉली उनके ऊपर उलट दी। इस हादसे ने न सिर्फ सुनील के परिवार को सदमे में डाल दिया, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

क्या हुआ था उस दिन?

घटना गुरुवार, 22 मई 2025 की दोपहर करीब 4 बजे की है। बारादरी थाना क्षेत्र के सतीपुर रोड पर ककरइया कब्रिस्तान के सामने सुनील पेड़ की छांव में लेटकर आराम कर रहे थे। गर्मी से राहत पाने के लिए वह थोड़ा सो गए थे। सुनील रोज की तरह डेलापीर मंडी से सब्जियां खरीदकर फेरी लगाते थे और मेहनत-मजदूरी से अपने परिवार का पेट पालते थे। लेकिन उस दिन उनकी जिंदगी को एक भयानक हादसे ने छीन लिया।

नगर निगम की सफाई ठेकेदार नईम शास्त्री की टीम उस इलाके में नाले की सफाई कर रही थी। सफाई के बाद निकले सिल्ट और मलबे से भरी ट्रॉली को बिना किसी जांच-पड़ताल के सुनील के ऊपर डाल दिया गया। मलबे में दबने से सुनील की सांसें थम गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जब तक आसपास के लोग और उनके परिजनों को इसकी खबर हुई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सुनील का परिवार इस हादसे से पूरी तरह टूट गया है। उनके पिता गिरवर सिंह प्रजापति ने बताया कि सुनील ही घर का एकमात्र सहारा थे। उनकी पत्नी गोमती, दो बेटियां शिल्पी और स्वाति, और बेटा आर्यन अब बेसहारा हो गए हैं। सुनील की मेहनत से ही परिवार का गुजारा चलता था। परिजनों ने सुनील को मलबे से निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी साफ हुआ कि सिल्ट में दबने और सांस रुकने से उनकी मौत हुई।

ठेकेदार पर दर्ज हुई FIR

सुनील के पिता ने बारादरी थाने में ठेकेदार नईम शास्त्री और उनकी टीम के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मलबा डालने की जगह अधिकृत नहीं थी और कर्मचारियों ने जानबूझकर या लापरवाही से यह कृत्य किया। कुछ लोगों का कहना है कि सुनील उस समय झाड़ियों के बीच लेटे थे और शायद शराब के नशे में होने के कारण कर्मचारियों को दिखाई नहीं दिए। लेकिन परिजनों का कहना है कि यह नगर निगम की घोर लापरवाही का नतीजा है।

बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडे ने बताया कि ठेकेदार नईम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

नगर निगम ने मानी गलती

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने इस घटना को गंभीर लापरवाही का मामला बताया। उन्होंने कहा कि सतीपुर रोड का वह स्थान मलबा डालने के लिए अधिकृत नहीं था। इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया गया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह जांच सुनील के परिवार को उनका खोया हुआ सहारा लौटा पाएगी?

लापरवाही की कीमत एक जिंदगी

यह घटना बरेली में नगर निगम की लचर व्यवस्था और ठेकेदारों की मनमानी का जीता-जागता सबूत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही कोई नई बात नहीं है। नाले की सफाई के नाम पर मलबा कहीं भी डाल दिया जाता है, बिना यह देखे कि उसका कोई नुकसान हो सकता हैं।

सुनील के परिवार का क्या होगा?

सुनील की मौत ने उनके परिवार को आर्थिक और भावनात्मक रूप से तोड़ दिया है। उनकी पत्नी गोमती का कहना है, “अब हमारा गुजारा कैसे होगा? सुनील ही तो हमारा सब कुछ थे।” स्थानीय लोग और कुछ सामाजिक संगठन सुनील के परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं, लेकिन सरकार और नगर निगम की ओर से अभी तक कोई ठोस सहायता की घोषणा नहीं हुई है।

इस घटना के बारे में आपका क्या कहना है कमेंट कर के बताये।

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नमस्ते, मैं तनीषा एक डिजिटल क्रिएटर जो जिंदगी को बिना किसी फिल्टर (Unfiltered) के जीने में यकीन रखती हूँ। खूबसूरती हो या करियर, रिश्ते हों या पैसा मैं हर चीज़ में परफेक्शन तलाशती हूँ। 'Dilsetanisha' के ज़रिये मैं आपके साथ शेयर कर रही हूँ अपने स्टाइल सीक्रेट्स, रिलेशनशिप एडवाइस और सफल होने के राज़।
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