उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के किशोरपुरा गांव में एक ऐसी सनसनीखेज घटना ने लोगों को बुरी तरह से हैरान करके रख दिया, जो की प्रेम, विश्वासघात और क्रूरता की एक भयावह कहानी बयां करती है। यह कहानी है रचना यादव की जिसने अपने प्रेमी संजय पटेल पर भरोसा किया, लेकिन बदले में उसे मिली बेरहम मौत और शव के सात टुकड़े।
7 टुकड़ों में मिली Rachna Yadav की लाश…लिव इन पार्टनर ने रची साजिश
रचना यादव जो की मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ की 35 वर्षीय महिला थी , वह एक ऐसी जिंदगी जी रही थी जिसमें प्यार और दुख दोनों को साथ लेकर चल रही थी। उसकी पहली शादी में भारी क्लेश की वजह से मुकदमेबाजी के बाद तलाक के बाद खत्म हो गई। वही उसका दूसरा पति शिवराज यादव भी दुनिया छोड़ गया।
शिवराज के जाने के बाद उसकी जिंदगी में आया संजय पटेल की एंट्री होती है, जो झांसी के टोड़ी फतेहपुर क्षेत्र का पूर्व ग्राम प्रधान था। दो साल पहले शुरू हुआ उनका यह प्रेम प्रसंग रचना के लिए एक नई उम्मीद लेकर उसकी जिंदगी में आया। वह संजय के साथ फिर से नया जीवन शुरू करना चाहती थी, लेकिन संजय, जो पहले से शादीशुदा था, इस रिश्ते को अब बोझ मानने लगा था। और अब वो इस रिश्ते से किसी भी तरह से बस छुटकारा चाहता था।
बार बार रचना का शादी का दबाव संजय के लिए काफी दिक्कत देने लगा था। वह बार-बार कोर्ट मैरिज की बात करती थी, लेकिन संजय का इरादा कुछ और ही था था, उसे पूरी तरह से रास्ते से हटाने का और उसने वही किया भी। उसने 9 अगस्त 2025 की रात संजय ने अपने भतीजे संदीप पटेल और दोस्त प्रदीप उर्फ दीपक अहिरवार के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रचता है, जिसका अंजाम काफी बुरा होने वाला था।
उसने रचना को कोर्ट मैरिज के बहाने एक इंडिगो कार में बुलाया। उसका भरोसा जीतने के लिए सब कुछ सामान्य दिखाने की पूरी कोशिश किया और उसकी ये कोशिश कामयाब भी रही, जैसे ही कार सुनसान इलाके में पहुंची संजय ने तुरंत रचना का गला घोंट दिया, बिना मौका गवाए। गाला घोटने से रचना की सांसे तुरंत ठंढी पड़ गई , लेकिन अभी कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
हत्या करने के बाद संजय को इस बात का भी डर था कि शव की पहचान हो सकती है। तो उसने और उसके साथियों ने गड़ासे से रचना के शव को सात टुकड़ों में काट डाला। खून से सने इन टुकड़ों को छिपाने के लिए तीन हिस्सों को खाद की बोरियों में भरकर किशोरपुरा के एक कुएं में फेंक दिया गया। बाकी हिस्से जिसमें सिर और पैर शामिल थे लखेरी नदी के तेज बहाव में बहा दिए गए, चुकी बाढ़ का समय है तो नदी उफान पर थी। संजय को लगा कि शायद उसका अपराध हमेशा के लिए छिप जाएगा। जैसे हर अपराधी सोचता है।
आखिर में सच सामने आ ही गया।
लेकिन वो कहते है ना सच को बहुत ज्यादा देर तक दबाया नहीं जा सकता और हुआ वही। 13 अगस्त को जब गांव वालों ने कुएं में बोरियां देखीं तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। बोरियों से रचना का धड़ और हाथ बरामद हुए। इस खौफनाक मंजर ने पुलिस को हरकत में ला दिया। झांसी पुलिस ने 18 टीमें गठित कीं और बढ़िया से जांच शुरू की। रचना के भाई दीपक की गुमशुदगी की शिकायत ने जांच को सही दिशा दी। सर्विलांस, 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज और बोरियों में मिली मिट्टी के स्वाइल टेस्ट ने पुलिस को संजय तक पहुंचाया।
जब पुलिस संजय को हिरासत में लेती है तब तो पहले वो झूठ बोलता है, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ किया तो वह टूट गया और उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। बाद में उसकी निशानदेही पर लखेरी नदी से रचना का सिर बरामद हुआ। हत्या में इस्तेमाल कार और हथियार भी पुलिस के हाथ लग गए। संजय का भतीजा संदीप भी हिरासत में है, लेकिन तीसरा आरोपी प्रदीप अहिरवार फरार है। पुलिस ने उसकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।
झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया की, “यह एक जघन्य अपराध है, जो प्रेम प्रसंग और शादी के दबाव से उपजा। हमारी टीमें दिन-रात काम कर रही हैं ताकि सभी दोषियों को सजा मिले।” जांच में उत्कृष्ट कार्य के लिए डीआईजी रेंज ने पुलिस टीम को 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है।
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अपराध छुपता नहीं