कहनी की शुरुआत होती है, उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर के मुखानी क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्याकांड से, जिसने पुरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यह कहानी है एक योगा सेंटर, दो भाइयों, एक युवती और पैसे के लिए की गई हत्या की, जो प्रेम और विश्वासघात के ताने-बाने में पूरी तरह से उलझी हुई है।
Yoga trainer Jyoti Murder Story: जब कहानी में आया खौफनाक मोड़।
कहानी की शुरुआत होती है चंदन डायग्नोसिस सेंटर के टॉप फ्लोर पर चलने वाले एक योगा सेंटर से, जहां भाई अजय यदुवंशी और अभय कुमार उर्फ राजा मिलकर काम करते थे और अपना योग सेण्टर बड़े आराम से चलाते थे। और उनका इस काम में सहयोग करने के लिए उनके साथ थीं 24 साल की ज्योति मेर, जो की एक मेहनती और महत्वाकांक्षी योगा शिक्षिका के तौर पर वहां नौकरी कर रही थी , जो की साथ में सेंटर का मैनेजमेंट विभाग भी संभालती थी। ज्योति की मेहनत और लगन ने सेंटर को एक नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, लेकिन फसाद का जड़ भी यहीं से शुरू हुआ एक ऐसा रिश्ता, जिसने इस कहानी को खौफनाक मोड़ दे दिया।
इसी बीच ज्योति और अजय के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। दोनों के बीच कई बार अवैध संबंध बन गए, और फिर अजय ने ज्योति पर पैसा खर्च करना शुरू कर दिया। लेकिन इस रिश्ते ने अजय और उसके भाई अभय के बीच की बॉन्डिंग को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया। पहले अजय अपने भाई अभय को आर्थिक मदद देता था, लेकिन ज्योति के आने के बाद उसने अभय को पैसे देना बिलकुल बंद कर दिया। अब ये सब अभय के लिए यह न केवल आर्थिक तंगी का सबब बना, बल्कि उसके मन में जलन और गुस्से की आग भी पूरी तरह से भड़क उठी।
इस तरह 30 जुलाई 2025 की रात, अभय ने अपने गुस्से को अब एक खौफनाक अंजाम देने का फैसला किया। वह ज्योति के किराए के कमरे में पहुंचा। वहां उसने ज्योति के ही दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया। ज्योति ने जिंदगी के लिए बहुत संघर्ष किया, लेकिन अभय के इरादे पक्के थे, इसे किसी भी कीमत पर जिन्दा नहीं छोड़ना है। हत्या के बाद वह मौके से फरार हो गया और नेपाल की सीमा में जाकर कही छिप गया।
अगले दिन, 31 जुलाई को ज्योति की मां ने उसका शव कमरे में पड़ा देखा तो उसके होश उड़ गए और चीखने चिल्लाने लगी, उनकी चीख पुकार सुनकर पडोसी इकट्ठे हो गए और पुलिस के पास फोन किया। उनकी शिकायत पर मुखानी थाने की पुलिस हरकत में आई। सीसीटीवी फुटेज ने अभय को ज्योति के कमरे से निकलते हुए कैद कर लिया था। यह सुराग पुलिस के लिए बहुत ही अहम साबित हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी साफ कर दिया कि ज्योति की मौत दम घुटने और सिर पर चोट के कारण हुई।
नैनीताल पुलिस ने अभय की तलाश में नेपाल की सीमा तक दबिश दी। आखिरकार, किच्छा में छिपे अभय को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया दुपट्टा भी बरामद हुआ। पूछताछ में अभय ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि भाई के बदले व्यवहार और आर्थिक तंगी ने उसे इस कदर गुस्से में ला दिया कि उसने ज्योति को रास्ते से हटाने का फैसला करने पर मजबूर हो गया।
जिस तरह से इस मामले में पुलिस की तत्परता दिखाई है उसकी तारीफ हर जगह हो रही है। जांच में शामिल पुलिस टीम को 2500 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया गया। लेकिन यह घटना हल्द्वानी और बाकी लोगो के लिए एक सबक भी छोड़ गई। एक योगा सेंटर जो की शांति और स्वास्थ्य का प्रतीक था, वहां उपजे गलत रिश्तों ने न केवल एक लड़की की जिंदगी छीन ली, बल्कि दो भाइयों के बीच का रिश्ता भी हमेशा के तोड़ कर रख दिया। जो अब शायद ही जुड़े।
यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं, बल्कि लालच जलन और विश्वासघात की है, जो हमें और आपको सोचने पर मजबूर करती है कि क्या इंसानी रिश्ते इतने नाजुक और खतरनाक हो सकते हैं की किसी की जिंदगी ही छीन ले ?
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